राष्ट्र उदय पार्टी का पूर्ण समर्थन करेंगे दीनानाथ गड़ेरिया भदोही वाले

 क्रांतिकारी दीनानाथ गड़ेरिया करेंगे "राष्ट्र उदय पार्टी" के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूराम पाल जी से मुलाकात!

 जी हां यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को मद्देनजर रखते हुए पाल समाज के क्रांतिकारी समाजसेवी दीनानाथ गडरिया भदोही वाले जल्दी ही राष्ट्र उदय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय बाबूराम पाल जी से मुलाकात करेंगे और आने वाले विधानसभा चुनाव में पाल समाज की राजनीतिक भागीदारी और दावेदारी तय करने के लिए रणनीति भी बनाएंगे।



 
 वैसे तो दीनानाथ गडरिया भदोही वाले पाल समाज के एक सामाजिक संगठन से शेफर्ड टाइगर फोर्स इंडिया संगठन के पदाधिकारी हैं और भदोही जिले के जिला उपाध्यक्ष भी हैं। लेकिन उनका मानना है कि सामाजिक संगठन में जुड़कर सिर्फ समाज के मुद्दों को उठाया जा सकता है और समाज के ऊपर हो रहे अत्याचार अन्याय के खिलाफ मदद भी किया जा सकता है लेकिन जहां बात राजनीतिक भागीदारी तय करने की आती है तो बिना किसी राजनीतिक पार्टी के संभव नहीं है। इसलिए वे अपने ही समाज की एक राजनीतिक पार्टी राष्ट्र उदय पार्टी को समर्थन करेंगे और आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी इस पार्टी को राजनीतिक भागीदारी दिलाने का पूर्ण प्रयास करेंगे।

 हमारी टीम ने जब दीनानाथ गडरिया भदोही वाले और उनकी टीम से बातचीत करते हुए यह पूछा कि क्या आप जब राष्ट्र उदय पार्टी का समर्थन करेंगे तो उस समय अपने संगठन से जुड़े रहेंगे या नहीं? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि ऐसा कुछ नहीं है सामाजिक संगठन एक अलग चीज है और पार्टी एक अलग चीज है इसलिए हम अपने संगठन के साथ भी कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे और जहां भी हमारा संगठन समाज की समस्याओं को लेकर आवाज उठाएगा या काम करेगा वहां पर हम भी अपने संगठन के साथ मिलकर काम करेंगे और हमेशा ही अपने संगठन के साथ रहेंगे। 

 हमारा एक और सवाल यह था कि "क्या इस समय आपके संगठन के लोग आपसे नाराज हैं? या आप संगठन से निकल जा चुके हैं" इस पर सफाई देते हुए दीनानाथ जी ने कहा कि मैं इन सब विषयों पर ज्यादा उलझना नहीं चाहता हूं लेकिन मेरा यह मानना है कि यदि मेरा संगठन शेफर्ड टाइगर फोर्स इंडिया किसी भी समाजिक भलाई वाले काम के लिए आगे बढ़ेगा तो मैं हमेशा अपने संगठन के साथ रहूंगा। 

 उनकी टीम ने यह भी बताया कि हमें संगठन से कोई मतभेद नहीं है रही बात नाराजगी की तो जहां पर चार परिवार रहते हैं थोड़ा बहुत मन मुटा हो तो होता रहता है किसी व्यक्ति को लेकर हमारा थोड़ा बहुत मन मुटाव सकता है लेकिन हम अपने संगठन के साथ हैं और संगठन को लेकर हमेशा सक्रिय रहेंगे। हां यदि ऐसा कुछ होता है जिसकी वजह से संगठन के ढेर सारे पदाधिकारी मुझसे नाराज हो रहे हो तो ऐसी स्थिति में यदि मुझे संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया गया तो मैं खुशी-खुशी अलग भी हो सकता हूं लेकिन फिर भी संगठन जहां पर भी सामाजिक कार्य करेगा मुझसे जो हो सकेगा मैं सहयोग जरूर करूंगा क्योंकि सामाजिक संगठन हमारे समाज की ताकत है इसे हमें बरकरार बनाकर रखना चाहिए!

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